लगातार तीसरी जीत के साथ नारायणपुर ने रचा इतिहास, अंडर-19 वनडे प्लेट ग्रुप टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचने वाली बस्तर संभाग की पहली टीम बनी | अब एलीट ग्रुप में खेलने का सपना साकार, छत्तीसगढ़ की अंडर-19 टीम में जगह बनाने पर निगाहें
नारायणपुर। हौसलों की उड़ान हो, मेहनत पर विश्वास हो और जीत का जुनून सिर पर सवार हो, तो छोटे जिले के खिलाड़ी भी बड़े मैदानों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकते हैं। नारायणपुर के युवा क्रिकेटरों ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ (CSCS) द्वारा आयोजित अंडर-19 वनडे प्लेट ग्रुप इंटर डिस्ट्रिक्ट टूर्नामेंट में नारायणपुर की टीम ने लगातार तीसरी जीत दर्ज करते हुए फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। 25 अक्टूबर 2026 को धमतरी के मैदान पर खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में नारायणपुर के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कवर्धा को शिकस्त दी। इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही टीम ने न केवल फाइनल में प्रवेश किया, बल्कि जिले के क्रिकेट इतिहास में एक नया अध्याय भी जोड़ दिया।
गेंदबाजों ने बरपाया कहर, 90 रन पर सिमटी कवर्धा की टीम
सेमीफाइनल मुकाबले में टॉस हारने के बाद पहले।
गेंदबाजी करने उतरी नारायणपुर की टीम ने शुरुआत से ही विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा। गेंदबाजों ने अनुशासित प्रदर्शन करते हुए कवर्धा की बल्लेबाजी को पूरी तरह बांधे रखा और पूरी टीम को 28.2 ओवर में महज 90 रन पर समेट दिया। नारायणपुर की ओर से तन्मय वर्धा ने घातक गेंदबाजी करते हुए चार विकेट झटके, जबकि हर्ष सरकार और यस यदु ने दो-दो विकेट हासिल किए। नमन सिंह ठाकुर ने भी एक विकेट लेकर टीम की जीत में अहम योगदान दिया। गेंदबाजों के इस सामूहिक प्रदर्शन ने मुकाबले में नारायणपुर की जीत की मजबूत नींव रख दी।
लक्ष्य छोटा था, लेकिन दबाव बड़ा; आदित्य-चैतन्य ने दिलाई जीत
91 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी नारायणपुर की टीम को जीत तक पहुंचने के लिए बल्लेबाजी में भी धैर्य दिखाना पड़ा। लक्ष्य आसान नजर आ रहा था, लेकिन बीच में टीम की पारी थोड़ी लड़खड़ाई। ऐसे समय में आदित्य श्रीवास्तव और चैतन्य ने जिम्मेदारी संभाली और अपनी सूझबूझ भरी बल्लेबाजी से टीम को जीत की मंजिल तक पहुंचा दिया। इस मुकाबले में नारायणपुर के खिलाड़ियों ने साबित कर दिया कि क्रिकेट में केवल व्यक्तिगत प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि मुश्किल परिस्थितियों में एकजुट होकर खेलना भी जीत की सबसे बड़ी ताकत है। पूरी टीम के छोटे-बड़े योगदान ने इस ऐतिहासिक सफलता को संभव बनाया।
सात-आठ साल की मेहनत का नतीजा, अब एलीट ग्रुप में खेलने का अवसर
नारायणपुर जैसे छोटे जिले के लिए क्रिकेट के बड़े मंच तक पहुंचना कभी बेहद मुश्किल माना जाता था, लेकिन पिछले सात-आठ वर्षों में जिले में क्रिकेट के स्तर को बेहतर बनाने के लिए किए गए प्रयासों का असर अब मैदान पर साफ दिखाई देने लगा है। लगातार जीत के साथ अंडर-19 टीम ने यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी बड़े शहर या संसाधनों की मोहताज नहीं होती। सही मार्गदर्शन, नियमित अभ्यास और खिलाड़ियों की मेहनत से बड़े लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं।
इस उपलब्धि का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है, क्योंकि टूर्नामेंट के निर्धारित प्रारूप के अनुसार फाइनल में पहुंचने वाली दोनों टीमों को एलीट ग्रुप में जगह मिलेगी। इसका मतलब है कि नारायणपुर के युवा खिलाड़ियों को अब रायपुर, बिलासपुर, भिलाई और दुर्ग जैसी मजबूत टीमों के साथ मुकाबला करने का अवसर मिलेगा। इन मुकाबलों में प्रदर्शन के आधार पर छत्तीसगढ़ की अंडर-19 टीम के चयन की राह भी खुलेगी। ऐसे में नारायणपुर के खिलाड़ियों के सामने अब केवल टूर्नामेंट जीतने की चुनौती नहीं, बल्कि अपने प्रदर्शन से प्रदेश की टीम में जगह बनाने का बड़ा अवसर भी है।
कोच करनदीप सग्गू और गौरीशंकर पटेल की मेहनत रंग लाई
इस शानदार सफलता के पीछे खिलाड़ियों की मेहनत के साथ कोचिंग स्टाफ का योगदान भी महत्वपूर्ण रहा है। मुख्य कोच करनदीप सग्गू और सहायक कोच गौरीशंकर पटेल ने पिछले कई महीनों से खिलाड़ियों को लगातार अभ्यास कराया और उन्हें अलग-अलग परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए तैयार किया। खिलाड़ियों की तकनीक, अनुशासन और टीम भावना को मजबूत बनाने की दिशा में किए गए प्रयास अब परिणाम देने लगे हैं। दोनों कोचों ने इस उपलब्धि का श्रेय पूरी टीम और खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत को देते हुए भरोसा जताया है कि नारायणपुर की टीम एलीट ग्रुप में भी अपना दमदार प्रदर्शन जारी रखेगी।
अब फाइनल पर नजर, नारायणपुर को खिताब का इंतजार
लगातार तीसरी जीत के बाद नारायणपुर के खिलाड़ियों का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर है। फाइनल में प्रवेश ने जिले के क्रिकेट प्रेमियों की उम्मीदों को भी नई उड़ान दी है। अब सभी की निगाहें खिताबी मुकाबले पर टिकी हैं, जहां नारायणपुर की टीम टूर्नामेंट अपने नाम करने के इरादे से मैदान में उतरेगी। हालांकि फाइनल जीतने की चुनौती अभी बाकी है, लेकिन सेमीफाइनल तक के प्रदर्शन ने टीम की क्षमता और जुझारूपन का परिचय दे दिया है।
यह सफलता केवल अंडर-19 टीम तक सीमित नहीं है, बल्कि जिले के दूसरे युवा क्रिकेटरों के लिए भी प्रेरणा बनेगी। अब अंडर-16, अंडर-14 और सीनियर टीमों के सामने भी प्लेट ग्रुप टूर्नामेंट में बेहतर प्रदर्शन कर एलीट ग्रुप तक पहुंचने की चुनौती है। जिले में नई प्रतिभाओं को तलाशने और उन्हें बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के प्रयासों से आने वाले समय में नारायणपुर से और भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी सामने आने की उम्मीद है।
जिला क्रिकेट संघ के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों ने खिलाड़ियों तथा कोचों को इस शानदार उपलब्धि पर बधाई देते हुए आगामी फाइनल मुकाबले के लिए शुभकामनाएं दी हैं। नारायणपुर की इस ऐतिहासिक सफलता ने यह संदेश दिया है कि मेहनत और मजबूत इरादों के दम पर छोटे जिले भी बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। अब उम्मीद है कि यह जीत खिताबी सफलता में बदलेगी और नारायणपुर के युवा क्रिकेटर छत्तीसगढ़ क्रिकेट में जिले की एक नई पहचान स्थापित करेंगे।










