नारायणपुर। 17 सितंबर की शाम आसमान में अंधेरा उतर रहा था, लेकिन नारायणपुर की धरती रोशनी से नहा रही थी। शहर से लेकर गांवों तक, मंदिरों से लेकर चौक-चौराहों तक और स्कूलों से लेकर सुरक्षा कैंपों तक दीपों की कतारें नजर आईं। नजारा ऐसा था मानो दीपावली ने समय से पहले ही नारायणपुर में दस्तक दे दी हो। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में जिलेभर में कुल 1 लाख 28 हजार 633 दीप प्रज्ज्वलित किए गए। मुख्य आयोजन एडका चौक स्थित गोठियारी तालाब के तट पर हुआ, जहां हजारों दीपों की रोशनी ने पूरे परिसर को जगमगा दिया।

‘जिसने जीवन संवारा, उसे आशीर्वाद हमारा’ संदेश के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जिलेवासियों ने भाग लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना के साथ दीप प्रज्ज्वलित किए गए। सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन का यह दृश्य नारायणपुर में सेवा, सहभागिता और सामाजिक एकजुटता का संदेश देता नजर आया। गोठियारी तालाब के तट पर शाम करीब 7 बजे आयोजित मुख्य कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन, परिवहन, सहकारिता एवं संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप शामिल हुए। उनके साथ जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नगरवासी मौजूद रहे। मंत्री ने भी लोगों के साथ दीप प्रज्ज्वलित किया। जैसे-जैसे शाम गहराती गई, तालाब के किनारे एक-एक कर जलते दीपों की संख्या बढ़ती गई। कुछ ही देर में हजारों दीपों की रोशनी पानी में प्रतिबिंबित होने लगी। तालाब का तट रोशनी से ऐसा चमका कि वातावरण में दीपावली जैसी रौनक दिखाई देने लगी। बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग इस सामूहिक आयोजन का हिस्सा बने।
मंत्री केदार कश्यप ने नक्सलवाद और अबूझमाड़ के विकास का किया उल्लेख

जिलेभर में जले 1 लाख 28 हजार 633 दीप

कलेक्टर नम्रता जैन के प्रतिवेदन के अनुसार, जिले में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम व्यापक जनभागीदारी के साथ आयोजित किया गया। गोठियारी तालाब के मुख्य आयोजन स्थल पर 51 हजार दीप, नगरपालिका क्षेत्रों में 15 हजार, जनपद पंचायत नारायणपुर क्षेत्र में 38 हजार और जनपद पंचायत ओरछा क्षेत्र में 18 हजार दीप प्रज्ज्वलित किए गए। इसके अलावा विवेकानंद आश्रम एवं विभिन्न संस्थाओं में 7 हजार, आवासीय विद्यालयों में 2 हजार, आश्रम एवं छात्रावासों में 2 हजार, स्कूलों में 2 हजार तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में 6 हजार 633 दीप जलाए गए। इस तरह जिलेभर में कुल 1,28,633 दीपों की रोशनी ने नारायणपुर को जगमगा दिया।
मंदिरों से सुरक्षा कैंप तक दिखी रोशनी

कार्यक्रम सिर्फ मुख्य आयोजन स्थल तक सीमित नहीं रहा। जिले के अलग-अलग हिस्सों में मंदिरों, चौक-चौराहों, शासकीय कार्यालयों, विद्यालयों, आश्रम-छात्रावासों, आंगनबाड़ी केंद्रों, सुरक्षा कैंपों और पुनर्वास केंद्रों में भी दीप प्रज्ज्वलित किए गए। नारायणपुर शहर में अंबेडकर पार्क, जयस्तंभ चौक, बाजार चौक, राम मंदिर, हनुमान मंदिर परिसर सहित 30 से अधिक स्थानों पर भी सार्वजनिक रूप से दीप जलाए गए। जिला भाजपा, भाजयुमो, महिला मोर्चा और अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ सहित विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम में सहभागिता की। कई स्थानों पर दीप प्रज्ज्वलन के बाद लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं भी दीं।
रोशनी के साथ स्वच्छता का संदेश

दीप प्रज्ज्वलन के साथ गोठियारी तालाब परिसर को स्वच्छ बनाए रखने का संकल्प भी लिया गया। यानी आयोजन में जहां हजारों दीपों ने वातावरण को रोशन किया, वहीं स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश भी सामने आया।
आदर्शवाणी : नारायणपुर में 17 सितंबर की शाम का दृश्य सामान्य दिनों से बिल्कुल अलग था। सितंबर के महीने में ही शहर और जिले के कई हिस्से दीपों की रोशनी से ऐसे जगमगा उठे, जैसे दीपावली ने समय से पहले दस्तक दे दी हो। गोठियारी तालाब में जलते हजारों दीप, पानी में उनका प्रतिबिंब और आसपास उमड़ी भीड़ इस आयोजन को यादगार बनाती नजर आई। जिलेभर में जलाए गए 1 लाख 28 हजार 633 दीपों ने ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम को जनभागीदारी, सेवा और सामूहिक उत्साह से जोड़ते हुए नारायणपुर की एक अलग ही तस्वीर सामने रखी।











